मुख्य मार्गों में अतिक्रमण पर करें सख्त कार्रवाई-कमिश्नर क्षत्रिय

रायगढ़। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बाधित करने वाले अतिक्रमणों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। समय सीमा की बैठक में निगम आयुक्त श्री ब्रिजेश सिंह क्षत्रिय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नियमित अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान कमिश्नर श्री क्षत्रिय ने विभागवार प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राजस्व वसूली कार्य प्रगति की पूर्ण जानकारी ली। राजस्व शाखा के अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप वसूली में तेजी लाने, बकायादारों की सूची तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
आयुक्त श्री क्षत्रिय ने कहा कि शहर की सुचारू यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के लिए मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखना बहुत आवश्यक है। अभियान को निरंतर चलाते हुए प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश अतिक्रमण निवारण दस्ता को दिए गए। इस दौरान उन्होंने नगर निगम से लेकर सुभाष चौक, महात्मा गांधी प्रतिमा चौक, स्टेशन चौक, सत्तीगुड़ी चौक, घड़ी चौक, हंडी चौक, सत्तीगुड़ी चौक से कोतरा रोड, घड़ी चौक से केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड एवं ढ़ीमरापुर रोड, इसी तरह रामनिवास टॉकीज से लेकर सिग्नल चौक एवं चक्रधर नगर चौक तक सतत रूप से निरीक्षण करने एवं अतिक्रमण पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कमिश्नर श्री क्षत्रिय ने राजस्व शाखा की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व संग्रहण निगम के विकास कार्यों की आधारशिला है। सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए गंभीरता से कार्य करें और समय सीमा के भीतर प्रगति सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने वार्ड में टैक्स वसूली के लिए विशेष शिविर आयोजन करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। बैठक में उपायुक्त श्री सुतीक्षण यादव, कार्यपालन अभियंता अमरेश लोहिया, निगम सचिव आर एन पटेल सहित सभी विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
100 से ज्यादा आवेदनों पर की गई चर्चा
टाइम लिमिट बैठक के दौरान विभिन्न मांग, शिकायत एवं अन्य योजनाओं से संबंधित 100 से ज्यादा आवेदनों पर चर्चा की गई। इस दौरान सभी आवेदनों पर कार्रवाई एवं निर्णय की स्थिति की जानकारी कमिश्नर श्री क्षत्रिय ने ली। इसी तरह उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन एवं जन शिकायत निवारण के आवेदनों को समय सीमा के भीतर गंभीरता से निर्णय एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया। समय सीमा के भीतर उक्त आवेदनों पर कार्रवाई नहीं होने या विलंब होने पर उचित कारण नहीं होने पर संबंधित विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई।



