संपादकीय

रायगढ़ में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण शुरू6 महीने में बनकर हो जायेगा तैयार, मिलेंगी कई सुविधायें

रायगढ़। रायगढ़ में आरटीओ ऑफिस के पीछे अत्याधुनिक ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ई-ट्रैक का निर्माण शुरू हो गया है। इस ई ट्रैक में कैमरे और सेंसर का उपयोग होगा। ई-ट्रैक के बन जाने से जिले में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया सरल और तेज होगी, क्योंकि यह परीक्षण को अधिक निष्पक्ष और कुशल बनाएगा। यह परियोजना वाहन चलाने के परीक्षणों को आधुनिकीकरण की ओर ले जाएगी।


रायगढ़ जिले में परिवहन विभाग को आधुनिक बनाने की दिशा में शासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शासन की ओर से प्रदेश के सात जिलों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने की स्वीकृृति प्रदान की गई है जिसमें रायगढ़ विधायक और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के अथक प्रयासों से रायगढ़ में भी अत्याधुनिक ऑटोमेटेड कम्प्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस परियोजना के लिए 1.70 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जो परिवहन सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता लाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह ई‘-ट्रैक गढ़उमरिया स्थित आरटीओ के नये ऑफिस के पीछे बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा इसका निर्माण किया जा रहा है। विभाग की मानें तो 6 महीने के अंदर ई-ट्रैक का काम पूरा कर लिया जायेगा। इस ई ट्रैक में कैमरे और सेंसर का उपयोग होगा। जहां मॉडल के माध्यम से अलग-अलग व्हीकल ड्राइव की टेस्टिंग की जायेगी।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट मैनुअल पद्धति से खुले मैदानों में मौखिक रूप से लिए जाते हैं। इस प्रक्रिया में त्रुटियों की संभावना के साथ-साथ अनियमितता की सम्भावना रहती है। अत्याधुनिक ऑटोमेटिक ट्रैक निर्माण से आम जनता को लाभ मिलेगा। ऐसे ट्रैक में ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित होगी। साथ साथ आवेदन कर्ताओं में योग्य उम्मीदवारों को समय पर लाइसेंस भी प्राप्त हो सकेगा।

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