
रायगढ़। आगामी 22 अक्टूबर तक जिला अध्यक्ष के नाम को लेकर रायशुमारी की जायेगी और 6 नामों का पैनल बनाकर दिल्ली भेजा जायेगा। इसके बाद 30 नवंबर तक नये जिला अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि नये अध्यक्ष की नियुक्ति में पैराशूट लैंडिंग कहीं से नहीं होगी। कांग्रेस जिला अध्यक्ष चयन के लिए संघर्षशील, जुझारू और कांग्रेस के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले युवा चेहरों के नाम भी पैनल में शामिल किये जायेंगे और उनको प्राथमिकता दी जायेगी। पूरी चयन प्रक्रिया राहुल गांधी की सोच के अनुरूप पारदर्शी होगी। उक्त बातें आज सृजन संगठन अभियान के तहत रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के नये अध्यक्ष के चयन को लेकर रायशुमारी करने पहुंचे आईसीसी ऑब्जर्वर सीताराम लांबा ने कही।
गुजरात के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी संगठन सृजन अभियान को लेकर नये अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके तहत आज आईसीसी ऑब्जर्वर सीताराम लंबा, पीसीसी ऑब्जर्वर लकेश्वर बघेल, जयसिंह अग्रवाल और शफी अहमद रायगढ़ पहुंचे और जिला कांग्रेस कमेटी में एक प्रेस कांफ्रेंस ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी रायगढ़ में संगठन सृजन अभियान के साथ एक नए दौर की शुरुआत कर रही है, जिसका उद्देश्य जिला कांग्रेस कमेटियों को पुनर्गठित करना और जमीनी स्तर पर मजबूत नेतृत्व का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि इस साल अहमदाबाद में हुए कांग्रेस के अधिवेशन मंे ये तय किया गया था कि 2025 कांग्रेस पार्टी में संगठन निर्माण के नाम होगा और इसी साल सभी जिलों को पुनर्गठित करने के लिए संगठन निर्माण का काम शुरू करेंगे। इसके लिए संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही वर्तमान पदाधिकारियों और पूर्व पदाधिकारियों के साथ वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की जायेगी और आमजनों से भी रायशुमारी की जायेगी। जिला अध्यक्ष के लिए ऐसे योग्य और अनुभवी चेहरों की तलाश की जायेगी संगठन के प्रति निष्ठा हो और आमजनों में भी पकड़ हो। यह भी देखा जायेगा कि उसने राजनीतिक जीवन में संगठन के प्रति कितनी लड़ाई लड़ी है और कितने अभियान में हिस्सा लिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसी से भी इसमें पैराशूट लैंडिंग नहीं होगी। बल्कि नये और युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जायेगी। 22 अक्टूबर तक नामों को लेकर रायशुमारी पूरी कर ली जायेगी और 6 नामों का पैनल बनाकर दिल्ली भेज दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह एक पारदर्शी प्रक्रिया है और बातचीत के माध्यम से जिस लीडर का नाम सामने आएगा, उसका नाम आगे भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन का उद्देश्य है कि जो भी लीडरशिप आए जो भी जिलों के अध्यक्ष बने वो किसी का चेहरा ना हो, वो प्रतीकात्मक ना बने बल्कि वो खुद लीडर हो और खुद में उसमें फैसले लेने की ताकत हो। तभी सृजन का उद्देश्य सफल होगा।



