
रायगढ़ 22 जुलाई ।महाजेंको को आबंटित कोयला खदान गारे पेलमा 2 को लेकर भाजपा ने 5 सवाल उठाए हैं जिसका जवाब कांग्रेस को देना चाहिए । आज जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में प्रदेश के वित्तमंत्री ओ पी चौधरी ने भाजपा के सवालों को उठाते हुए तथा कांग्रेस के ऊपर परिवार वाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस से पूछा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि जब अडानी को महाजेंको ने एम डी ओ बनाया था तब महाराष्ट्र में किसकी सरकार थी ?गारे पेलमा 2 की जनसुनवाई किसने करवाई थी ?पर्यावरण स्वीकृति दिए जाने की सिफारशी पत्र किसने लिखा था तथा महाजेंको को वन विभाग की स्वीकृति किसके कार्यकाल में दी गई थी ?
कांग्रेस के ऊपर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस में किसी भी पद पर नहीं हैं इसके बावजूद अपने बेटे चैतन्य बघेल को बचाने के लिए भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को झोंक दिया है जोकि कांग्रेस की परिवारवादी राजनीति का साफ उदाहरण है ।कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी पर सवाल उठाते हुए वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि आर्थिक नाकेबंदी करने से प्रदेश का आर्थिक विकास की गति में जहां बाधा आती है वहीं लोगों का रोजगार भी प्रभावित होता है ।
ओपी चौधरी ने कहा कि वो विकास की राजनीति करते हैं और इसके लिए उन्हें कोई कुछ भी कहे उससे उनपर कोई फर्क नही पड़ता है ।उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले से जितना रेवेन्यु राज्य सरकार और केंद्र सरकार को जाता है उसकी तुलना में पिछले कई दशकों में रायगढ़ जिले में खर्च नही हुआ है उनका प्रयास इस बैकलॉग को भी पूरा करने का है ।
कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ओपी चौधरी ने कहा कि यह सब चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और कांग्रेस के भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाने का एक असफल प्रयास है जिसे छत्तीसगढ़ की जनता बखूबी समझती और जानती है।
भाजयुमों के प्रदेशाध्यक्ष द्वारा सोशलमीडिया उठाये गए सवालों और इसे आधार बनाकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में ओपी चौधरी ने कहा कि उनकी राजनीति सिर्फ विकास की राजनीति और वो सिर्फ विकास की ही राजनीति करते हैं ।उन्होंने कहा कि विकास की राजनीति को लेकर कोई चर्चा होती है तो वो अच्छी बात है और विकास की राजनीति को लेकर कोई उनके ऊपर आरोप प्रत्यारोप करता है तो उससे उनके ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता है उनका ध्येय विकास की राजनीति है और उसपर वो पूरी मेहनत और परिश्रम के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।




