रायगढ़। 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2026 में अपनी प्रस्तुति देने पहुंचे माधवरस बैंड, वृंदावन कलाकारों ने मंगलवार को प्रेस वार्ता की। माधवरस बैंड के अतुल पंडित ने बताया कि ब्रज के फोक संगीत और भजनों को नये अंदाज में प्रस्तुत करते हैं। टीम का कहना है कि भले ही इसमें फ्यूजन का इस्तेमाल होता है मगर मूल गीत और संगीत की संस्कृति और परम्परा वही रहती है। उन्होंने कहा कि चीजें वही है केवल प्रस्तुति के तरीके में थोड़ा बदलाव होता है। उन्होंने कहा कि राग कभी नहीं बदलता और न ही संगीत बदलता है , बदलता है तो केवल उसके प्रस्तुति का तरीका और यह तरीका सभी को पसंद भी आ रहा है। टीम ने बताया कि इस टीम में बृज के अलावा विदेश की भी दो कलाकार जुड़ी हैं जिन्होंने बृज की कल्चर को कल्चर को न सिर्फ समझा है बल्कि उसे अपनाया भी है। माधवरस बैंड का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी धर्म और आध्यात्म की ओर बढ़ रही है और उससे जुड़ रही है। माधवरस बैंड टीम का कहना है कि ब्रज में कुछ भी बनावटी नहीं है और यह वहां की संस्कृति और संस्कार में दिखता है। वे उसी संस्कृति को नये अंदाज में आज की युवा पीढ़ी को परोसने की कोशिश करते हैं, एक राग जिसे बरसों से गाते आ रहे है बदलते दौर में उसमें बदलाव कर लोगों तक पहुंचने के लिए यह बैंड शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि मंच जो आपको सिखाता है उसे कोई गुरु नहीं सीखा सकता।



