
लाल मिर्च अपने रंग और स्वाद से तन बदन में आग लगाती है ।आज इस लाल मिर्चा को रायगढ़ में बिकते हुए देखा तो इसकी फोटो खींच ली ।इस लाल मिर्चा की डंठल को तोड़कर इसका बीज बाहर निकाल कर रख लें ।फिर इसमें अमचूर को कूटकर बनाई गई खटाई में नमक,अचार का मसला और पहले से बाहर निकाल कर रखे गए मिर्च के बीज को मिलाकर मिर्चा के अंदर भरकर ,धूप में अच्छी तरह से सुखाने के बाद कांच की बरनी में रखकर शुद्ध सरसों के तेल में डुबा दें ।कुछ दिन बाद इस तरह बना यह मिर्चा का अचार खाने के लिए तैयार हो जाएगा । फोटो जिस लाल मिर्च को आप देख रहें उसकी अधिकतर खेती पूर्वी उत्तरप्रदेश ,बिहार और झारखंड में हुआ करती है ।
अब थोड़ी बात करते हैं मिर्च के जन्मस्थान की ।मिर्च का जन्म स्थान दक्षिण अमेरिका है जहाँ से यह पूरे विश्व में फैली। भारत में पुर्तगाली इस मिर्च को लाए थे अब इनकी विभिन्न किस्में पूरे विश्व में उगायी जा रही हैं। मिर्च का प्रयोग एक औषधि के रूप में भी होता है।
मिर्ची का तीखापन केप्सेसिन के कारण होता है।मिर्ची का लाल रंग केप्सेन्थिन के कारण होता है। मिर्च खाने से विटामिन ए प्राप्त होता है।
रायगढ़ में मिर्च की खेती

हमारे रायगढ़ जिले में भी मिर्च की खेती पुसौर सरिया क्षेत्र में की जाती है और यहां से दूर -दूर तक जाया करती ।रायगढ़ जिले में पैदा होने वाली मिर्च पतली होती है और जब वह हरी होती है तभी तोड़ ली जाती है।




