बेतालवाणीरायगढ़

क्या अडानी के पॉवर प्लांट के विस्तार से चार गांव प्रभावित होंगे ,यह सवाल हवा में तैर रहा है ,जन सुनवाई के विरोध की सुगबुगाहट हो रही

रायगढ़। भारत में बंदरगाह ,एयरपोर्ट ,रेल ,सड़क ,डिफेंस ,ऊर्जा के क्षेत्र में झंडा गाड़ने वाले अडानी की निगाहें अब छत्तीसगढ़ की रत्नगर्भा धरती पर गड़ चुकी है । यहां के कोल भंडार पाने के बाद रायगढ से लगभग 20 किमी दूर सूपा के निकट उसके 600 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट विस्तार के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई 12 जुलाई को होनी है । अडानी समूह द्वारा पहले ही यहाँ पर संचालित कोरबा वेस्ट उद्योग का अधिग्रहण किया जा चुका है ।
पावर प्लांट के क्षमता विस्तार से चार गांव के प्रभावित होने की बात सामने आ रही है जिससे यहां के ग्रामीण जहां सहमे हुए हैं जिससे जनसुनवाई का व्यापक विरोध होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है ।
रायगढ़-चन्द्रपुर नेशनल हाइवे के किनारे बसे बड़े भण्डार, छोटे भण्डार, अमलीभौना और सरवानी गांव की हरियाली पहले ही कोरबा वेस्ट निगल गई। अब अडानी के पॉवर प्लांट के विस्तार से इस क्षेत्र खेत-खलिहान ,हरियाली ,जल स्रोतों हवा में प्रदूषण का खतरा मंडराने लगा है । पॉवर प्लांट के विस्तार से जिन 4 गांवों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है उन गांवों के तालाबों की सूरत बदहाल हो चुकी है। हाईवे से गांव जाने वाले रास्तों को नहीं बनाने की सजा लोग बरसात में भुगतने विवश है। कीचड़ और दूषित पानी से भरे रास्ते पर ग्रामीणों का चलना दुश्वार है। CSR मद का जनहित में सदुपयोग नहीं होने से लोग भड़के हैं।
उद्योग लगाएं ,विस्तार करें ,लेकिन उससे पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक प्रतीत होता है कि ,
*स्थानीय उद्योगों में स्थानीय लोगों को ही रोजगार दिए जाने की सर्वोच्च प्राथमिकता जरूरी हो **
*उद्योगों में काम करने वालों के लिए उद्योगों द्वारा स्वयं रहवास ,चिकित्सा ,शिक्षा की व्यवस्था सुनिचित हो *
जिस उद्योग से जितना कार्बन उत्सर्जित हो वो उसका डेढ़ गुना ऑक्सीजन भी उत्सर्जित करने की व्यवस्था स्वयं करे
*कोल बेस आधारित उद्योगों से जितना भी फ्लाई ऐश का उत्पादन हो उसके पूरे सौ प्रतिशत निबटान की व्यवस्था स्वयं सम्बंधित उद्योग करे *
*उद्योग के ट्रांसपोर्ट से सम्बंधित वाहन से होने वाली सड़क दुर्घटना के लिए सम्बंधित उद्योग को भी जिम्मेदार ठहराया जाया *
*उद्योग केअंदर होने वाली दुर्घटना के चलते किसी की मौत होती है अथवा घायल होता है चाहे वो ठेका श्रमिक क्यों ना हो उसे उद्योग के नियमित कर्मचारी की भांति मुआवजा और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाए **
*यह पूरे सौ प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए कि उसकी चिमनियों से प्रदूषित जहरीली गैसें ना निकले **
*यह सुनिश्चित किया जाए कि उद्योग के अंदर से विषैला पानी ना निकले और उद्योग के अंदर से जो पानी निकला है वो किसी प्राकृतिक जल स्रोत से ना मिले तथा हर उद्योग का अपना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हो *
उद्योगों द्वारा किया जानेवाले भूजल उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए *
उद्योग अपने यहां कच्चा माल लाने और निर्मित माल को ले जाने के लिए खुद का पार्किंग स्थल बनाये ,ना कि उद्योग के बाहर सड़कों के ऊपर इनका डेरा लगाएं
*उद्योगों के सीएसआर खर्च पर कड़ीं निगाह रखी जाए **
*फैक्ट्री एक्ट का पालन सुनिश्चित किया जाए **
*सबसे महत्वपूर्ण कानून का पालन महज कागजी खानापूर्ति के जरिये ना हो बल्कि यथार्थ में होता दिखाई पड़े *

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