
छत्तीसगढ़ में 5 साल बाद जनता ने भाजपा की ताजपोशी, काम करके दिखाने और चुनावी वायदों को पूरा करने के लिए की है ,इसलिए उसके पास जीत के जश्न में डूबने का बिल्कुल समय नहींहैं।
,दरअसल में भाजपा को कांटो का ताज मिला है ,और उसके सिर पर अपेक्षाओं और वायदों का बोझ लदा हुआ है ,।भाजपा ने जितने वायदे किये हैं अब उसके सामने सरकार बन जाने पर उसे जल्द से जल्द पूरा करना उसके लिए सबसे बड़ा सवाल है ।
भाजपा के सामने सबसे पहले चुनोती उसके पूर्व के शासन काल के बकाया धान के बोनस का किसानों को भुगतान करना है ।इसी के साथ धान का खरीदी मूल्य3100 रुपया किवंटल भी करना होगा तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करनी होगी ।महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को बारह हजार रुपये सालाना दिए जाने के उसके चुनावी वायदे को भी लोकसभा चुनाव के पहले ही पूरा करना होगा ।
भाजपा के पास स्वागतं सत्कार में व्यस्त हो जाने का बिल्कुल भी समय नहीं है और उसे फ़ौरन से पेश्तर डे वन से ही जनाकांक्षाओं को पूरा करने में जुट जाना होगा।
विष्णु साय को मुख्यमंत्री बनाये जाने से जशपुर क्षेत्र की जनता की उन आकांक्षाओं को पूरा करने का दबाव अभी से उन के ऊपर बढ़ गया है जिसका वायदा वे एक लंबे समय से करते आ रहे थे जिसमें सबसे महत्वपूर्ण जशपुर क्षेत्र में रेलगाड़ी लाने का सपना है ।
यदि मुख्यमंत्री के रूप में विष्णु साय जशपुर में रेलगाड़ी लाने में सफल हो जाते हैं तो फिर उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।



