रायगढ़

शशिमोहन सिंह रायगढ़ के नए पुलिस अधीक्षक बनाये गए ,दिव्यांग पटेल रायपुर में रेल पुलिस अधीक्षक बने

रायगढ़ 23 जनवरी ।जशपुर के एसपी रहे 2012 बैच के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को रायगढ़ का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है जबकि रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल को रायपुर का नया रेल पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। यह आदेश गुरूवार रात्रि सचिव गृह (पुलिस) द्वारा जारी किया गया। 1997 में डीएसपी के पद से पुलिस में नौकरी की शुरुआत करने वाले शशिमोहन सिंह को 2018 में आईपीएस अवार्ड हुआ और उन्हें आईपीएस कैडर 2012 मिला था। शशिमोहन सिंह के किये रायगढ़ नया नहीं है वो यहां पहले भी बटालियन का प्रभार सम्हाल चुके हैं।

मुख्यमंत्री के गृह जिले में अपनी सेवायें दे चुके शशिमोहन सिंह का पैतृक गांव बिहार के बक्सर जिले के सेमरी थाना अंतर्गत ग्राम दुल्लहपुर है मगर उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भिलाई से हुई की। उन्होंने लोक भारती स्कूल रामनगर में नौवीं क्लास में एडमिशन लिया। यहां से उन्होंने 11 वीं मैट्रिक तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद दुर्ग जिले के कल्याण कॉलेज से बीए और हिंदी साहित्य में एमए किया। सन 1992 में पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद शशिमोहन सिंह ने साजा कॉलेज में तदर्थ लेक्चरर हिंदी की नौकरी शुरू की। साथ ही साथ राज्य प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने लगे। अपने तीसरे प्रयास में ही उन्होंने सन 1996 में मध्यप्रदेश पीएससी निकाल कर डीएसपी की पोस्ट पाई। उन्हें 1997 बैच डीएसपी आबंटित हुआ। प्रशिक्षु डीएसपी के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग होशंगाबाद जिले के शिवपुर थाना प्रभारी के रूप में हुई इसके बाद में सीएसपी इटारसी बने। इटारसी से भोपाल में असिस्टेंट कमांडेंट 23 वी बटालियन बने। पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बनने पर उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुना और छत्तीसगढ़ में पहली पोस्टिंग एसडीओपी भानुप्रतापपुर की मिली। भानुप्रतापपुर में वे ढाई साल रहे। इसके बाद रायपुर में सीएसपी पुरानी बस्ती, सीएम सिक्योरिटी, सीएसपी सिविल लाइंस रायपुर रहने के बाद उन्हें प्रमोशन देकर एडिशनल एसपी बना दिया गया। बतौर एडिशनल एसपी उनकी पहली पोस्टिंग कवर्धा जिले में हुई। फिर वे एडिशनल एसपी रायपुर रहे। रायपुर पोस्टिंग के बाद एक अप्रैल 2010 से एक अप्रेल 2012 तक वे अवकाश लेकर छतीसगढ़ी फिल्मों में काम करने चले गए। इन दो वर्षों में उन्होंने न केवल 4 छतीसगढ़ी फिल्मों में काम किया बल्कि चार सुपरहिट भोजपुरी फिल्में भी की और दो थियेटर भी किए। फिल्मी दुनिया छोड़कर शशि मोहन सिंह अप्रैल 2012 में एक बार फिर पुलिसिंग के मैदान में आ गए। उनकी पोस्टिंग वीवीआईपी जिले राजनांदगांव में हुई। राजनांदगांव तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह का निर्वाचन जिला था। यहां लगातार पांच साल 2012 से 2017 तक वे पोस्टेड रहे। फिर दुर्ग जिले में एडिशनल एसपी रहे। इसके बाद पुलिस अकादमी चंद्रखूरी में एसपी रहे। 2018 में उन्हें आईपीएस अवार्ड हुआ और 2012 बैच मिला। शशिमोहन सिंह बस्तर के नक्सल इलाके में बटालियन में पोस्टेड रहे हैं। वे दंतेवाड़ा में ढाई सालों तक नवी बटालियन के कमांडेंट रहे। इसके बाद ढाई साल तक जगदलपुर बटालियन में रहे। जगदलपुर के साथ ही वे रायगढ़ बटालियन का कार्यभार संभालते रहे। जगदलपुर और रायगढ़ छठवीं बटालियन का कार्यभार उन्होंने एक साथ एक ही समय में सम्हाला था। शशिमोहन सिंह को 2024 में मुख्यमंत्री के गृहजिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया था और उसी दौरान उनका वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद प्रमोशन हुआ.
छत्तीसगढ़ के पूर्वी सीमा पर बसा रायगढ़ और एक औद्योगिक जिला होने के साथ ही ओडिशा सीमा से भी लगा हुआ है। इस लिहाज से अन्य जिलों की अपेक्षा यहां पुलिस के लिए चुनौतियां भी भिन्न हैं। बढ़ते बेतरतीब यातायात, सड़क हादसों पर लगाम लगाने के साथ ही पड़ोसी जिले से होने वाली गांजा और शराब की तस्करी पर रोक लगाना और सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक अशांति से निपटने के साथ ही चोरी, लूटपास और आपराधिक तत्वों पर नकेल कसना यहां के पुलिस के लिए हमेशा से ही एक बड़ी चुनौती रही है। अब देखना है कि तेज तर्रार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी कौन सी विशिष्ठ कार्यशैली को अमल में लाते हैं। उम्मीद की जाती है कि तेज तर्रार पुलिसिंग के लिए पहचाने जाने वाले शशिमोहन सिंह रायगढ़ जिले के उपर्युक्त समस्याओं से निजात दिलाने के लिए जिले के पुलिस तंत्र को निश्चित तौर पर सक्रिय करेंगे।

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