रायगढ़

जिनके बलम बैरी गए हैं बिदेसवा आई है लेके उनके प्यार का सन्देसवा

हिन्दू संस्कृति में सावन के महीने का एक अलग ही स्थान और महत्त्व है ,इस माह में कई त्यौहार ,मनाए जाते हैं तो मनोकामना की पूर्ति के लिए व्रत ,उपवास रखे जाते हैं ।सावन को लेकर जहाँ लोकगीत रचे गए हैं तो फिल्मों में भी सावन का उल्लेख करते हुए कई गीत लिखें गए हैं जो सुपर डुपर हिट हुए हैं।

1. हाय हाय ये मजबूरी, ये मौसम और ये दूरी

2. सावन का महीना पवन करे शोर

3. रिमझिम घिरे सावन बहक बहक जाए रे मन

4. लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है

5. आज मौसम बेईमान बड़ा

6. प्यार का पहला पहला सावन

7. अब के सजन सावन में मिल न सके दो दिल एक ही आंगन में।

8. अब के सजन सावन में मिल न सके दो दिल एक ही आंगन में।

9. आया सावन झुमके आया सावन

10. हटा सावन की घटा इस तरह के दर्जनों गीत फिल्मों में सावन और बारिश को लेकर फिल्माए गए हैं ।

लोकगीतों और फिल्मी गीतों में प्रेयसी अपने पिया के घर आने की जहां बाट जोहते हुए बिरह ,तड़फ ,इंतजार की बात कहती है तो प्रियतम बारिश की बूंदों के माध्यम से ही न आ पाने के कारण अपने प्रेम का सन्देशा भेजता है जिससे उसकी बिरह की अग्नि शांत हो सके ।सावन का महीना आते वो दौर भी था जब पेड़ों के ऊपर झूले पड़ जाया करते थे ,जिन पर झूला झूलते हुए सखियाँ ,ननद ,भौजाइयां झूला गीत और कजरी की तान छेड़ते हुए अपने मन की बात कहा करती थी ।इस दौर में जब हम अपनी संस्कृति से दूर होते चले जा रहे हैं तो इस स्थिति में परंपरागत झूलों का स्थान मेले ठेलों में लगने वाले मशीनी झूलों ने ले लिया है ।इस सब के बावजूद ग्रामीण इलाकों में आज भी पेड़ों पर पड़े झूले दिख जाते हैं जिन पर घर के कामकाज से फुर्सत मिलने के बाद झूला झूलने के लिए पहुँची किशोरियाँ ,महिलाएँ ,झूला गीतों ,कजरी की तान छेड़कर सावन का स्वागत करती है ,अपने मन की बात कहती हैं ।ऋतुराज बसन्त के बाद सावन ही ऐसा महिना है ,जो विरह की अग्नि जलाता और शांत करता है ,मस्ती बिखेरता है ,चहुँओर हरियाली बिखरी नज़र आती है ,पहाड़ों से झरते झरने प्रकृति की अद्भुत छटा ,नज़ारा उतपन्न करते हैं जिन्हें देखते ही मन उसमें खो जाता है ,आसमान में छाई घनघोर काली घटा ,और कड़कती चमकती बिजली सिहरन के साथ साथ प्रेम भी पैदा करती है ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button