
रायगढ़ 17 फरवरी।रायगढ़ नगर निगम भाजपा को मिली बम्पर ,ऐतिहासिक ,रिकॉर्ड जीत के बाद सभापति कौन बनेगा इसे लेकर चर्चाओं ,बहस ,मुबाहिसा ,
कयासों का दौर शुरू हो गया है ।सभापति बनने की इच्छा रखने वालों ने निर्वाचित पार्षदों से मेल मिलाप कर उनके दिलों को टटोलना भी शुरू कर दिया है तो कुछ ने अपने अपने आकाओं की ड्योढ़ी पर दस्तक देकर सभापति बनने की उत्कंठा से उन्हें अवगत करा दिया ।
रायगढ़ नगरनिगम के लिए जो दो सम्भावित और नैसर्गिक नाम उभर कर सामने आए हैं उनमें पहला नाम भूतपूर्व सभापति सुरेश गोयल और भूतपूर्व प्रतिपक्ष के नेता रहे पंकज कंकरवाल शामिल हैं । इनके अलावा सभापति के लिए तीसरे दावेदार के रूप में अशोक यादव का नाम भी उभरा है ।जैसे जैसे समय बीतता जाएगा वैसे वैसे और भी दावेदारों के नाम सामने आने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।
पिछले चार दशक से भाजपा की राजनीति में सक्रिय सुरेश गोयल की रायगढ़ में पहचान भाजपा के एक कर्मठ नेता ,कार्यकर्ता ,कुशल संगठन कर्ता ,चुनावी रणनीति बनाने के माहिर खिलाड़ी ,प्रबंधकर्ता के साथ साथ सामाजिक कार्यों के लिए है ।सुरेश गोयल तीसरी बार पार्षद के लिए चुने गए हैं ।सुरेश गोयल 2009-10 में रायगढ़ नगरनिगम में सभापति निर्वाचित हुए इस तरह उन्हें सभापति पद के दायित्व ,कर्तव्य और संचालन का भी अनुभव प्राप्त है ।
सुरेश गोयल समय समय पर भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रह चुके हैं और पार्टी ने उन्हें जो भी दायित्व सौंपा है उसका कुशल निर्वहन किया है ।उन्हें ऐसे समय में नगर महामंत्री बनाया गया था जब छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की सरकार हुआ करती थी उस दौर में उंन्होने भाजपा के संघर्ष की मशाल जलाए रखी थी ।सुरेश गोयल को गत विधानसभा चुनाव में रायगढ़ विधानसभा का संयोजक भी बनाया गया था ।
पांचवी बार पार्षद के लिए चुने गए सभापति के लिए दावेदार पंकज कंकरवाल की पहचान भाजपा के एक तेज तर्रार और फायर ब्रांड नेता के रूप में होती है ।पंकज कंकरवाल रायगढ़ नगर निगम में प्रतिपक्ष के नेता का पद कुशलतापूर्वक सम्हाल चुके हैं और सभापति का चुनाव भी लड़ चुके हैं ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से छात्र राजनीति से राजनीति में आये पंकज कंकरवाल ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष ,नगर निगम में एमआईसी मेम्बर के अलावा
2004 में सर्वाधिक 1235 वोट से चुनाव जीते थे ।वे कानून से स्नातक भी हैं।
सभापति के लिए दावेदार अशोक यादव पार्षद के लिए तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं ,इस बार तो उनका वार्ड भी बदल गया था इसके बावजूद वो चुनाव जीतने में सफल रहे ।भूतपूर्व विधायक विजय अग्रवाल के विश्वस्त सिपाही में शामिल अशोक यादव यादव समाज के प्रमुख नेता भी हैं इसके अलावा वो पिछड़ा वर्ग में अच्छा खासा दखल रखते हैं।




