रायगढ़ में 134 बरस पहले गूँजी थी छुकछुक रेलगाड़ी की सीटी

जरा आप सोचिए और कल्पना कीजिये कि रायगढ़ में वो दिन कैसा रहा होगा ? जब पहली मर्तबा रेलगाड़ी को देखने के लिए लोगों में कैसा उत्साह ,उमंग उत्सकुता और जज्बा रहा होगा ? जब पहली बार रेलगाड़ी ब्रिटिशकाल में रायगढ़ रियासत में पहुँची होगी ।
इस रेलगाड़ी को देखने के लिए कितनी भीड़ उमड़ी होगी ?उसका स्वागत किन -किन लोगों ने किया होगा ?सीटी बजाते हुए ,धुआं उड़ाते हुए ,छुकछुक करते हुए ,भाप की शक्ति से चलने वाली , विशालकाय कोयले इंजन वाली रेलगाड़ी रायगढ़ स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक एक पर पहुँची होगी ।

रायगढ़ से इस रेलगाड़ी में पहली बार सफर करने वाले वो सौभाग्यशाली यात्री कौन रहे होंगे ?इनमें से बहुत से प्रश्नों के उत्तर अब खोजने से भी नहीं मिलने वाले हैं ,बस उन क्षणों की कल्पना करके रोमांचित जरूर हुआ जा सकता है ।
रायगढ़ से शुरू हुई रेलगाड़ी ने रायगढ़ के विकास और विस्तार का नया द्वार खोला होगा और एक नया इतिहास रचते हुए ,एक नया आयाम स्थापित करते हुए रायगढ़ को सीधे देश के दूसरे शहरों से जोड़ दिया होगा ।
भारत में पहली रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को मुम्बई के बोरीबंदर से थाणे के बीच चली थी ।जिसके लिए तीन इंजन ब्रिटेन से मंगाए गए थे तथा इस ट्रेन का नाम फेयरी क्वीन था ।भारत में रेलगाड़ी चलाये जाने के परीक्षण की इस सफलता के बाद
सन 1856 में भारत के अंदर भाप चालित रेल इंजनों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया था और देश के अन्य हिस्सों में रेल पटरियां बिछाने का काम भी शुरू हो गया ।
भारत के अंदर पहली रेलगाड़ी चलने के लगभग 29 वर्ष बाद छत्तीसगढ़ में रेलगाड़ी चलना शुरू हुई थी ।लेकिन यह रेलगाड़ी ना तो रायपुर पहुंची थी और ना ही बिलासपुर पहुंची थी बल्कि रेलगाड़ी राजनांदगांव में 1882 को पहुँची थी।
नागपुर- छत्तीसगढ़ रेल्वे जिसका विस्तार नागपुर व्हाया तुमसर ,गोंदिया होते हुए राजनांदगांव तक था के तहत नागपुर से तुमसर तक 6 जुलाई 1880 को रेलगाड़ी चलना शुरू हुई और 16फरवरी 1882 को पहली बार रेलगाड़ी राजनांदगांव पहुँची।इस तरह छत्तीसगढ़ में पहली बार रेलगाड़ी चली ।
रायपुर और बिलासपुर रेल खण्ड तब अस्तित्व में आया जब नागपुर छत्तीसगढ़ रेल्वे का अधिग्रहण बंगाल नागपुर रेल्वे द्वारा 1887 में कर लिया गया ।जिसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में रेल सेवाओं का विस्तार हुआ जिससे 4 दिसम्बर 1888 को राजनांदगांव से रायपुर के बीच पहली बार ट्रेन चली ।इसी तारतम्य में रायपुर से बिलासपुर के बीच 14 फरवरी 1889 को रेलगाड़ी चली।
रायपुर से बिलासपुर के बीच ट्रेन शुरू हो जाने के एक वर्ष के अंदर बिलासपुर से रायगढ़ के बीच पहली ट्रेन 10 फरवरी 1890 को शुरू हुई जिसके साथ रायगढ़ में 134 साल पहले ,पहली बार रेलगाड़ी पहुँची ।
जब रायगढ़ में पहली बार पहली ट्रेन पहुँची होगी तो रियासत कालीन दौर में भी इस ट्रेन का स्वागत उम्मीद है कि धूमधाम से किया गया होगा ,पूरा रायगढ़ ट्रेन की आगवानी के लिए स्टेशन पर पहुंचा भी होगा ।ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड को फूलों का हार पहनाया गया होगा।
(अनिल पाण्डेय)



