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फर्जी अंकसूची के जरिये डाकपाल की नौकरी पाने की कोशिश हुई नाकाम , कोतवाली पुलिस ने महिला-पुरुष को किया गिरफ्तार

रायगढ़, 14 फरवरी। फर्जी अंकसूची के माध्यम से डाकपाल की नौकरी प्राप्त करने का प्रयास करने वाले सक्ती जिले के एक महिला और एक पुरुष को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले का खुलासा अधीक्षक डाकघर रायगढ़ संभाग द्वारा थाना सिटी कोतवाली में प्रस्तुत आवेदन के बाद हुआ।

आवेदन के अनुसार जुलाई 2023 में भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाकसेवकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया जारी की गई थी। इस भर्ती में जिला सक्ती के अभ्यर्थी नरेन्द्र कुमार पिता कांशी राम, निवासी बाजार पारा बड़े रबेली मालखरौदा, जिला सक्ती तथा सोनम साहू पति हरिश साहू, निवासी लंहगाडहर सरवानी बाराद्वार, जिला जांजगीर-चांपा ने कक्षा 10वीं की अंकसूची अपलोड कर आवेदन किया था। प्रस्तुत अंकसूची के आधार पर दोनों का चयन क्रमशः रायगढ़ डाक संभाग अंतर्गत बर्रा एवं सुलेसा शाखा में डाकपाल पद हेतु हुआ।

दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रस्तुत अंकसूचियों को संबंधित बोर्ड तमिलनाडु से सत्यापित कराया गया, जहां से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि उक्त अंकसूचियां बोर्ड द्वारा जारी नहीं की गई हैं। चूंकि ग्रामीण डाकसेवकों की नियुक्ति कक्षा 10वीं के अंकों के आधार पर होती है, इस कारण फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने की पुष्टि हुई। अधीक्षक डाकघर रायगढ़ के आवेदन पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 59/2026 धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में तत्काल कोतवाली पुलिस ने सक्ती से दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाना कोतवाली लाया और उनसे विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि नौकरी की तलाश के दौरान उनकी पहचान *कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर* से हुई, जिसने नौकरी लगवाने के नाम पर *तीन से साढ़े तीन लाख रुपये* की मांग की। नरेन्द्र कुमार ने उसे ₹3,50,000 दिए, जबकि सोनम साहू ने नियुक्ति पश्चात राशि देने की बात कही थी। विनोद राठौर द्वारा उन्हें नकली मार्कशीट उपलब्ध कराई गई, जिसे जानते हुए भी दोनों ने ऑनलाइन आवेदन किया। सत्यापन में फर्जीवाड़ा उजागर होने पर उनकी नियुक्ति निरस्त हो गई।
पुलिस ने आरोपियों से फर्जी अंकसूचियां तथा वास्तविक शैक्षणिक दस्तावेज जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले का मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर निवासी कोरबा फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* —
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा है कि “शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और नियमबद्ध होती है। फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर नौकरी प्राप्त करने का प्रयास न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का भी हनन है। रायगढ़ पुलिस ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य करेगी। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, जालसाजी या शासकीय प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
युवाओं से अपील है कि वे नौकरी के नाम पर दलालों एवं बिचौलियों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”

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