जिंदल, एमएसपी और आरएस इस्पात पर 9.70 लाख का अर्थदंड,औद्योगिक हादसों के मामलों में लेबर कोर्ट का फैसला

रायगढ़। कारखाना अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने पर श्रम न्यायालय ने जिले में स्थापित मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, मेसर्स एमएसपी स्टील, मेसर्स आरएस इस्पात पर 9 लाख 70 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह आदेश न्यायालय में जनवरी माह में प्रकरणों की सुनवाई पूरी करते हुए जारी किया है। इन सभी सुरक्षा मानकों की कमी के चलते हादसे हुए थे जिसमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के बाद आपराधिक प्रकरण बनाकर श्रम न्यायालय में दायर किया था।
जिले में औद्योगिक हादसों का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं बचता जिस महीने किसी न किसी उद्योग में हादसे न होते हों और चीख-पुकार न मचती हो। किसी हादसे में किसी मजदूर की जान चली जाती है तो किसी में कोई गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचता है। ऐसे सभी हादसों की जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा की जाती है और हादसे के लिए सुरक्षा मानकों की कमी और कारखाना अधिनियम का उल्लंघन पाये जाने पर प्रकरण बनाकर श्रम न्यायालय में दायर किया जाता है। श्रम न्यायालय ने जनवरी महीने में ऐसे ही मामलों की सुनवाई पूरी करते हुए कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने पर 5 प्रकरणों में जिले के 3 उद्योगों पर भारी भरकम अर्थदंड लगाया है। इनमें मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के अधिभोगी सब्यसाची बंद्योपाध्याय पर 70 हजार रूपये, मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड के अधिभोगी प्रदीप कुमार डे और कारखाना प्रबंधक संजय सिंह परिहार पर दो प्रकरणों में क्रमशः 1 लाख 60 हजार-1 लाख 60 हजार रूपये और 1 लाख 40 हजार-1 लाख 40 हजार रूपये, तो वहीं एक अन्य प्रकरण में भी मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर के अधिभोगी प्रदीप कुमार डे को 1 लाख 60 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है तो वहीं पूंजीपतरा स्थित मेसर्स आरएस इस्पात में हुए हादसे में प्लांट के अधिभोगी विवेक चंद्र उपाध्याय को 1 लाख 40 हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन सभी प्रकरणों की जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उपसंचालक राहुल पटेल ने किया था और प्रकरण बनाकर श्रम न्यायालय में दायर किया था।



