कृषि भूमि में उद्योग लगाने के विरोध में ग्रामीणों ने निकाली जनाक्रोश रैली ,कलेक्टोरेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन ,अडानी को किसी भी सूरत में नहीं देंगे जमीन

रायगढ़ 13 अक्टूबर ।सूपा बड़े भंडार के निकट ग्राम कोतमरा की कृषि भूमि में उद्योग लगाने के लिए भूमि अर्जन किये जाने के विरोध में गांधी प्रतिमा से जनाक्रोश रैली निकाल कर बड़ी संख्या में ग्रामीण नारेबाजी करते हुए आज कलेक्टोरेट पहुंचे और ए डी एम श्री टोप्पो को राज्यपाल के नाम 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंप कर 15 दिनों के अंदर उनकी मांग पूरी किये जाने की बात कही । ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव से कृषि भूमि का अर्जन अडानी के पावर प्लांट के लिए किया जा रहा और वो किसी भी सूरत में अपनी जमीन नही देंगे ।

ग्राम कोतमरा से औद्योगिक प्रयोजन हेतु 116.344 हेक्टेयर जमीन का भूअर्जन किया जाना प्रस्तावित किया गया है जोकि बड़े भंडार स्थित अडानी के पॉवर प्लांट से लगभग 3 किमी दूर स्थित है ।कोतमरा गांव से अडानी की रेलवे लाइन भी गुजरनी है ।
उपर्युक्त प्रस्तावित भूअर्जन के विरोध में ग्राम कोतमरा से बड़ी संख्या में ग्रामीण जिनमे महिलाएं भी शामिल थी आज रायगढ़ पहुंचे और गांधी प्रतिमा के पास इकट्ठे होकर एक रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट पहुँचे और राज्यपाल के नाम से ज्ञापन दिया ।इस ज्ञापन में कहा गया है कि
ग्राम कोतमरा में औद्योगिक प्रयोजन हेतु निजी भूमि अर्जन किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें ग्राम कोतमरा का 116.344 हेक्टेयर खेती भूमि भी शामिल है। इस भूमि को ग्राम कोतमरा के भूमि धारक कृषक निम्न कारणों से अपना कृषि भूमि किसी भी उद्योग या कम्पनी को देना नहीं चाहते हैं :-
अधिकांश जमीन पूर्वजों से प्राप्त पैतृक जमीन है व कृषि ही जीवन यापन का मुख्य साधन है। भू अर्जन से कृषक भूमिहीन व बेरोजगार हो जायेंगे व उन्हें अपने परिवार के पालन पोषण के लिए आय का जरिया समाप्त हो जायेगा प्रस्तावित भूमि सिंचित एवं दो फसली है जो आय का मुख्य साधन है।
ग्राम कोतमरा का कोई भी किसान अपना जमीन कम्पनी को देना नहीं चाहता, इसलिये 2 बार ग्रामसभा में प्रस्ताव भी पारित कर लिया गया है।
प्रस्तावित भूमि में गाँव का 2 शासकीय तालाब डोंगिया व बेहरा दभरी तालाब है जिसे मतस्य पालन के लिये लीज पर दिया गया है तथा गर्मी के दिनों में यहाँ निस्तारी होता है।
डोंगिया तालाब के पास गाँव का शमशान घाट भी है।
प्रस्तावित भूमि में गाँव के जगन्नाथ मन्दिर का भोग जमीन भी शामिल है।
प्रस्तावित भूमि कोतमरा बस्ती के अधिकांश घरों से लगा है, कुछ लोगों का घर प्रस्तावित भूमि में ही बना है जिससे वे आवासहीन हो जायेंगे।
उपरोक्त के अलावा ज्ञापन में अन्य मांगों को भी शामिल किया गया है।



