रायगढ़ में कल ग़जमार पहाड़ी के पीछे से विकास का नया सूरज उदित होगा

रायगढ़ 10 फरवरी ।रायगढ़ में 10 फरवरी का सूरज अस्ताचलगामी होकर अस्त हो गया है लेकिन रायगढ़ में 11 फरवरी को गजमार पहाड़ी के पीछे से जब सूरज निकलेगा तो वो बालसमुद्र में अपनी अरुणिमा बिखेरते हुए नए रायगढ़ के लिए नया प्रकाश , नया ओज ,नया सन्देश लेकर आगे बढ़ेगा जो रायगढ़ में विकास की नई गाथा लिखे जाने का साक्षी होगा ।
आने वाली नई नगरनिगम परिषद को लेकर रायगढ़ वासी जहां बहुत उत्साहित हैं वहीं उम्मीद है कि रायगढ़ वासी पिछले पांच साल से सबक लेते हुए ,एक नई इबारत जरूर लिखेंगे ।रायगढ़ की जनता कल इस बात का संकेत जरूर देगी कि उसे खरीदा नहीं जा सकता है ,उसकी अन्तरात्मा ,स्वाभिमान अभी मरा नही है उसका जमीर अभी सोया नहीं है ,उसे अच्छे और बुरे की पहचान है और वह अपनी बुद्धि और विवेक का प्रयोग हुए रायगढ़ के भाग्य को उसके योग्य सपूतों और कर्णधारों के हाथों में सौपेंगी।
रायगढ़ की वो गरीब ,मेहनतकश जनता वोट के सौदागरों ,लोकतंत्र के ,मक्कारों ,धूर्तों ,दगाबाजों ,चालबाजों ,पेशेवर शातिर नेताओं के गाल पर करारा तमाचा भी जड़ेगी जो यह मुगालता पाले बैठे हैं कि गरीबों का वोट खरीद कर रायगढ़ के भाग्य विधाता बन जाएंगे और रायगढ़ की जनता पर राज करेंगे।
रायगढ़ की ईमानदार जनता उन वार्डों में जहां धनबल का प्रयोग कर लोकतंत्र के इस यज्ञ को प्रभावित करने का कुत्सित प्रयास किया जाएगा उसे असफल साबित करेगी ।
ऐसे में नगरपालिका का वह चुनाव याद आता है जब मिठ्ठूमूड़ा वार्ड की पसीना की कमाई खाने वाली जनता ने छत्तीसगढ़ के राइस किंग को वार्ड मेम्बरी के चुनाव में हरा दिया था ,जहां ना तो चावल की थैली ,नोटों का बण्डल और ना ही दारू की बोतल चल पाई थी।
इस चुनाव में भी उम्मीद है कि रायगढ़ के कुछ वार्ड रायगढ़ के इस पुराने इतिहास को जरूर दोहराएंगे और वोटों के सौदागरों का मुंह काला करेंगे।




