रायगढ़

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को जिले के 101 अमृत सरोवरों पर होगा विशेष कार्यक्रम,ध्वजारोहण, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, तिरंगा यात्रा और जलवायु साक्षरता जैसे कार्यक्रम होंगे आयोजित

रायगढ़, 11 अगस्त 2025/ भारत की स्वतंत्रता की 79 वीं वर्षगांठ का उत्सव रायगढ़ जिले में एक अनूठे और प्रेरणादायक रूप में मनाया जा रहा है। इस बार स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनमानस में जागरूकता लाने का एक सशक्त मंच भी बनेगा।
राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार, जिले के 101 अमृत सरोवरों पर 15 अगस्त 2025 को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों में ध्वजारोहण, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, तिरंगा यात्रा और जलवायु साक्षरता जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे, जो न केवल स्वतंत्रता की भावना को जीवंत करेंगे, बल्कि एक हरित, स्वच्छ और समृद्ध भारत के संकल्प को भी बल देंगे।

अमृत सरोवर: जल संरक्षण और देशभक्ति का प्रतीक

अमृत सरोवर, जो भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत निर्मित जल संरक्षण के प्रतीक हैं, इस स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों के केंद्र में होंगे। ये सरोवर न केवल जल संरक्षण और ग्रामीण समुदायों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक एकजुटता का भी प्रतीक हैं। रायगढ़ जिले के 101 अमृत सरोवरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम इस बात का उदाहरण होंगे कि कैसे राष्ट्रीय गौरव और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य एक साथ साकार किए जा सकते हैं। इन सरोवरों के किनारे होने वाले आयोजन ग्रामीण समुदायों को एकजुट करेंगे और उन्हें स्वतंत्रता के मूल्यों के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाएंगे।

कार्यक्रमों की भव्य रूपरेखा

रायगढ़ जिला प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के लिए एक व्यापक और प्रेरणादायक योजना तैयार की है। स्वतंत्रता दिवस की शुरुआत प्रत्येक अमृत सरोवर स्थल पर प्रभात की प्रथम किरण के साथ तिरंगे के ध्वजारोहण से होगी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की दीदियाँ और स्थानीय समुदाय के लोग उपस्थित रहेंगे। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गान और देशभक्ति भजनों की स्वरलहरियाँ वातावरण को देशप्रेम की भावना से सराबोर करेंगी। यह क्षण प्रत्येक व्यक्ति के मन में स्वतंत्रता के मूल्यों और देश के प्रति समर्पण को और गहरा करेगा।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक वृक्षारोपण का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान में स्कूली बच्चे, कॉलेज के युवा, ग्राम पंचायत के सदस्य और स्थानीय समुदाय के लोग स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपेंगे। नीम, पीपल, बरगद, और आम जैसे पेड़ों का रोपण न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाएगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एकजुटता का संदेश भी देगा। यह कदम रायगढ़ जिले को हरियाली की ओर ले जाएगा और भावी पीढिय़ों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण करेगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत अमृत सरोवरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण समुदाय, युवा स्वयंसेवक, और स्थानीय संगठन इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। कचरा हटाने, सरोवरों के किनारों की सफाई और जलाशयों को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। यह अभियान न केवल सरोवरों को स्वच्छ और सुंदर बनाएगा, बल्कि स्वच्छता के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देगा।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में तिरंगा यात्रा का आयोजन होगा, जिसमें बच्चे, युवा और ग्रामीण तिरंगे के साये में सड़कों पर उतरेंगे। यह यात्रा देशभक्ति के नारे और गीतों से गूंजेगी, जो राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता के प्रति गहरे लगाव का प्रतीक बनेगी। तिरंगा यात्रा ग्रामीण समुदायों में एकता और उत्साह का संचार करेगी और स्वतंत्रता के मूल्यों को जीवंत करेगी। अमृत सरोवरों के महत्व को रेखांकित करने के लिए जलवायु और जल संरक्षण पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। स्कूलों और कॉलेजों में निबंध लेखन, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवा पीढ़ी को जल संरक्षण का महत्व समझाया जाएगा। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों में कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण और सतत विकास के विषयों पर चर्चा करेंगे। ये कार्यशालाएँ ग्रामीण समुदायों को जल संरक्षण की तकनीकों, जैसे वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण, के बारे में शिक्षित करेंगी।
इन आयोजनों की सफलता का आधार स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी है। ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, एनआरएलएम की दीदियाँ, और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस उत्सव को भव्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राएँ भी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लेंगे। विशेष रूप से, एनआरएलएम की दीदियाँ, जो ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक हैं, इन आयोजनों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगी। उनकी भागीदारी न केवल सामुदायिक एकजुटता को बढ़ाएगी, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व को भी प्रोत्साहित करेगी।
अमृत सरोवरों पर आयोजित ये कार्यक्रम न केवल स्वतंत्रता की भावना को जीवंत करेंगे, बल्कि ग्रामीण समुदायों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का संदेश भी प्रसारित करेंगे। यह उत्सव रायगढ़ के लोगों को यह स्मरण कराएगा कि स्वतंत्रता का सच्चा अर्थ केवल आजादी में नहीं, बल्कि अपने पर्यावरण, जल और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में भी निहित है।

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