जिले के 7 उद्योगों पर 9 लाख 45 हजार रूपये का अर्थदंड

रायगढ़। औद्योगिक जिला रायगढ़ में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण प्लांटों में हुए हादसों के मामलों में लेबर कोर्ट ने 7 उद्योगों पर 9 लाख 45 हजार रूपये का अर्थदंड लगाया है। इन सभी उद्योगों में हुए हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच की थी और चालान लेबर कोर्ट में पेश किया था।
जिले में औद्योगिक संस्थानों में हादसों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कार्यक्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते हर महीने किसी न किसी उद्योग में हादसे होते हैं। किसी में मजदूर या कर्मचारी अकाल मौत के शिकार बनते हैं तो किसी में गंभीर रूपे से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झुलते रहते हैं। हर हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है और हादसे की जांच करती है। साथ ही सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हादसा होना पाये जाने पर उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ द्वारा जिले में स्थापित कारखानों में कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में दायर किया जाता है।
इसी कड़ी में श्रम न्यायालय रायगढ़ द्वारा माह अगस्त में सुरक्षा मानकों प्रकरणों में कारखाना प्रबंधन को दोषी पाये जाने पर कारखाना मेसर्स सिवाना स्टील एण्ड पावर प्रा.लि., को 70 हजार रूपये, मेसर्स राधे गोविंद स्टील एण्ड एलॉयज प्रा.लि. को 80 हजार रूपये, मेसर्स सिंघल स्टील एण्ड पावर प्रा.लि. को 80 हजार रूपये, मेसर्स सिंघल स्टील एण्ड पावर प्रा. लिमिटेड (गेरवानी डिवीजन) को 1 लाख 60 हजार रूपये, मेसर्स मां मंगला इस्पात प्रा. लि. को 1 लाख रूपये, मेसर्स एनआरव्हीएस स्टील लिमिटेड को 25 हजार रूपये और मेसर्स बी.एस. स्पंज प्रा.लि. को 4 लाख 30 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।



