
रायगढ़ ।रायगढ़ के नगरीय निकाय के चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों का भी अपना एक इतिहास रहा है कई अवसरों पर जहां उन्होंने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया तो चुनाव जीतने में सफल भी रहे हैं ।स्व मातूराम अग्रवाल निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष का तो मधु बाई किन्नर नगर निगम रायगढ़ के महापौर का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप जीतने में सफल रही थीं ,तो महावीर गुरुजी ने नगर निगम के चुनाव में चुनाव परिणाम को इस कदर प्रभावित किया कि वो भाजपा की पराजय का सबसे बड़ा कारण बन गए जिसकी वजह से कांग्रेस के जेठूराम मनहर नगर निगम के पहले महापौर बने ।2025 के चुनाव में अब यह देखना है कि निर्दलीय कितना असर दिखा पाते हैं ।
कल जब मैं घर से बाहर निकल कर बाजार की ओर जा रहा था तब एक निर्दलीय उम्मीदवार के चुनाव प्रचार में लगे एक वाहन से उसके चुनाव चिह्न को लेकर जो धुन और गीत सुनाई दे रहा था उसने बरबस ही मेरा ध्यान उस ओर आकर्षित कर लिया ।चुनाव प्रचार की इस धुन की वजह से मुझे बीस साल पुरानी ऐसे ही चुनावी माहौल में पंखे से बजने वाली धुन की एकाएक याद दिला गई।
आज से लगभग 26 साल पहले 1999 में रायगढ़ में नगर पालिका का चुनाव हो रहा था ,लोगों को इस बात की पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मातूराम अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाएगी परन्तु कांग्रेस ने आशा के विपरीत मातूराम अग्रवाल के स्थान पर दीपक पाण्डेय को अपना उम्मीदवार बनाया था ।कांग्रेस के इस कदम से क्षुब्ध और रोष से भरे लोगों ने मातूराम अग्रवाल से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का आग्रह किया ।जनभावनाओं को देखते हुए मातूराम अग्रवाल नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर गए ।इस चुनाव में भाजपा ने गुरूपाल भल्ला को अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतारा था।
मातूराम अग्रवाल को इस चुनाव में टेबिल पंखा का चुनाव चिह्न मिला था ।उन्होंने अपना चुनाव प्रचार शुरू करते हुए अपने चुनाव चिह्न का खिलौना बांटना शुरू कर दिया और आकर्षक धुन के साथ चुनाव प्रचार के पंखे को वोट देने के गीत के साथ आडियो कैसे बनवाया ।हर चौक चौराहों ,गली ,सड़क ,मोहल्लों में जब यह आडियो कैसे बजता था तो अपने स्वर ,धुन और गीत से यह लोगों का ध्यान अपनी तरफ बरबस खींच लेता था ।
इस चुनाव में मातूराम अग्रवाल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए।भाजपा प्रत्याशी गुरूपाल भल्ला ने कड़ा संघर्ष किया था पर वे दूसरे स्थान पर रहे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी दीपक पाण्डेय को तीसरे स्थान पर सन्तोष करना पड़ा ।
अनिल पाण्डेय ,वरिष्ठ पत्रकार




