पत्रकारिता के क्षेत्र में संघर्ष की मिसाल का नाम है नवीन कदम

(अनिल पाण्डेय)
वो लोग बिरले ही होते हैं जो अपने साहस के दम पर संघर्ष के पथ पर चलते हुए सफलता के मुकाम को हासिल करते हुए एक उदाहरण पेश करते हैं ।पत्रकारिता और समाचार पत्र प्रकाशन के क्षेत्र में ऐसे ही एक बिरले शख्स का नाम है नवीन शर्मा जिन्होंने अपने अकेले दम पर अपनी मेहनत के बलबूते पर निरन्तर 22 वर्षों से रायगढ़ से दैनिक अखबार नवीन कदम का सफलता पूर्वक प्रकाशन कर ऐसी ही मिसाल पेश की है और आज नवीन कदम हर्षोल्लास के साथ अपनी स्थापना की 22 वीं वर्षगांठ मना रहा है ।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया , बड़े बड़े मीडिया घरानों द्वारा प्रकाशित किये जाने वाले बहुरंगीय , बहुपृष्ठीय अखबारों ,न्यूज पोर्टलों ,सोशलमीडिया से प्रतिस्पर्धा ,मिलने वाली चुनोतियों के दौर में किसी भी छोटे मंझोले अखबार का जिंदा रहना ,निरंतर प्रकाशित होते रहने एक उपलब्धि से कम नहीं है जबकि हम देखते आ रहें है कि इस दौर में कई अखबार दम तोड़ते जा रहे हैं।ऐसी विकट स्थिति में विभिन्न चुनोतियों से जूझते हुए अपनी विलक्षण संघर्ष क्षमता के बलबूते पर निरंतर प्रकाशित होते हुए नवीन कदम अपनी स्थापना का 22 वां स्थापना वर्ष मना रहा है।
नवीन कदम की इस उपलब्धि के पीछे उसके पाठकों ,विज्ञापन दाताओं उसके शुभचिंतकों का अतुलनीय योगदान होने के साथ साथ इसके पीछे इसके सम्पादक नवीन शर्मा की अथक मेहनत ,जीवटता ,संघर्ष क्षमता भी छिपी हुई है ।रायगढ़ की अखबार की दुनिया में नवीन को वन मैन आर्मी यूं ही नहीं कहा जाता है ।जो लोग नवीन को नजदीक से जानते हैं वो इससे अच्छी तरह से अवगत हैं।
एक दैनिक अखबार के रूप में नवीन कदम 2 मार्च 2004 को रायगढ़ से प्रकाशन आरम्भ हुआ था। तब से लेकर अब तक नवीन कदम ने अपने सफर में कई उतार -चढ़ाव देखे ,कई झंझावतों का भी सामना किया लेकिन इस सब के बावजूद नवीन कदम के प्रकाशक ,सम्पादक नवीन शर्मा का ना तो हौसला टूटा और ना ही डिगा ,वे संघर्ष की मशाल लिए अपने कर्तव्यपथ पर डटे रहे ।
छत्तीसगढ़ के पूर्वी सीमांचल में स्थित पिछड़े हुए जिले रायगढ़ में रायपुर ,बिलासपुर से प्रकाशित अखबारों के अलावा रायगढ़ से ही वर्षों से प्रकाशित हो रहे अखबारों का जहां दबदबा कायम था , वहीं ऐसी स्थिति में पाठकों के बीच अपने आपको स्थापित कर पाना नए अखबार के लिए एक दुरुहपूर्ण चुनोती भरा कार्य हुआ करता है ।नवीन कदम ने कदम कदम पर इस चुनोती का सामना किया फिर चाहे वो प्रसार की संख्या को लेकर हो ,खबरों के प्रकाशन को लेकर हो या फिर अखबार निकालने के लिए आवश्यक संसाधनों को लेकर हो लेकिन नवीन कदम इन चुनोतियों से तनिक भी घबराया नहीं ,विचलित नहीं हुआ ,डगमगाया नहीं और अपने संघर्ष पथ पर एक निष्पक्ष समाचार पत्र के रूप में जनसरोकारों से जुड़ी खबरों से विशेष रूप से वास्ता रखते हुए अपनी ताजातरीन खबरों के साथ पाठकों के बीच अपनी सरल और बोधगम्य भाषा के साथ स्थापित करते हुए आगे बढ़ता हुआ एक लोकप्रिय अखबार बनकर उभरा और नवीन कदम अपनी इस यात्रा में निर्बाध रूप से निरंतर अग्रसर होता ही जा रहा है।
नवीन कदम की गिनती सिर्फ रायगढ़ जिले में ही नहीं बल्कि रायपुर, जशपुर,सारंगढ, दुर्ग-भिलाई, शक्ति,कोरबाऔर चाँपा जांजगीर जिले के अग्रणी अखबारों में हो रही है ।क्षेत्रीय ,आंचलिक समाचार के अलावा सम सामयिक लेख ,कविताओं का प्रकाशन् इस अखबार की विशेषता होने के साथ साथ उदीयमान लेखकों की रचनाओं को इसमें स्थान दिया जाता है।रायगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार भी समय समय पर इस अखबार में अपने अपने विचारों को लिखते रहते है जो इस अखबार को एक खुला मंच बनाते हैं जब कोई अखबार खुला मंच बन जाता है तो स्वतः ही जनता का अखबार बन जाता है । नवीन कदम का वित्तपोषण किसी सेठ ,नेता ,ओद्योगिक घराने की तिजोरी से नहीं होता है इसीलिए नवीन कदम खुलकर जनसरोकारों से जुड़ी बातें बेबाक तरीके से कहने के लिए जनता के अखबार के रूप में सामने आता है ।
नवीन कदम को अपने प्रकाशन की 22 वीं वर्षगांठ पर अशेष शुभकामनाएं।
(अनिल पाण्डेय ,वरिष्ठ पत्रकार )


