रायगढ़

अस्तागत सूर्य को अर्घ्य देने छठ घाटों में उमड़ा आस्था का सैलाब

रायगढ़। छठ पूजा के तीसरे दिन व्रतियों ने छठ घाट में डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस मौके पर रायगढ़ के छठ घाटों में भारी भीड़ रही। शहर के सबसे बड़े जूटमिल छठ घाट के साथ ही खर्राघाट, कयाघाट के साथ शहर के तालाबों में हज़ारों की संख्या में भीड़ रही। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी और सांसद भी छठ घाट पहुंचे और पूजा में शामिल होकर लोगों को महापर्व की बधाई दी। अब छठ पूजा के अंतिम दिन यानी मंगलवार को व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे और इस महापर्व का समापन होगा।


छठ महापर्व हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण त्यौहार है। खासकर उत्तर भारत मंे इस पर्व को खास तरीके से मनाया जाता है। वैसे तो कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को इस पर्व को मनाई जाती है। लेकिन यह त्यौहार 4 दिनों तक मनता है। नहाय खाय और खरना के बाद भगवान सूर्य को डूबते और उगते हुए अर्घ्य देने के बाद 4 दिवसीय व्रत का समापन होता है। सोमवार को व्रतियों ने छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। जूटमिल छठ घाट के साथ ही कयाघाट और खर्राघाट में डूबते सूरज को अर्घ्य देने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी थी। इसी तरह गणेश तालाब और जयसिंह तालाब में भी व्रती अपनी मुराद लेकर पहुंचे थे। इस व्रत को संतान की लंबी आयु, पति के स्वस्थ जीवन और घर-परिवार के सुख-सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है।

सोमवार को अर्घ्य देने से पहले बांस की टोकरी को फलों, ठेकुआ, चावल के लड्डू और पूजा के सामान से सजाकर श्रद्धालु घाटों में पहुंचे। जहां सूर्यास्त से कुछ समय पहले सूर्य देव की पूजा करके डूबते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देकर परिक्रमा की गई। जूटमिल छठ घाट में इस दौरान जबरदस्त रौनक देखने को मिला। यहां लाइटिंग की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। अस्तागत होते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए यहां अपार भीड़ उमड़ पड़ी। रायगढ़ विधायक और वित्त मंत्री ओपी चौधरी, रायगढ़ सांसद भी भाजपा नेताओं के साथ इस महापर्व में शामिल हुये और लोगों से मिलकर उन्हें छठ पर्व की बधाई दी।
सर्किट हाउस रोड स्थित खर्राघाट में भी अस्तागत सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां भी पूरे विधिविधान और परंपरा के अनुरूप अस्त होते सूर्य की आराधना की गई। चूंकि छठ घाटों में भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य देने के लिए आस्था का सैलाब सा उमड़ पड़ा था लिहाजा सुरक्षा को लेकर सभी छठ घाटों में पुलिस की ओर से तगड़े इंतेजाम किये गये थे।
शहर के बीच स्थित गणेश तालाब और जयसिंह तालाब में भी डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए काफी संख्या में भीड़ उमड़ी जहां व्रतियों ने पूरे विधि विधान के साथ सूर्य देव की आराधना की और अर्घ्य देकर उनकी पूजा अर्चना की। तो वहीं शहर से लगे भगवानपुर तालाब में भी आस्था का अद्भुत नजारा छठ पूजा के दौरान देखने को मिला।
वैसे तो यह त्यौहार उत्तर भारत और बिहार में मनाई जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ में भी इस त्यौहार की खूब रौनक रहती है। शहर में कई घाट बने हैं। जहां व्रती अर्घ्य देने पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार से आकर बसे लोगों के अलावा शहर के स्थानीय निवासी भी इस व्रत को विधिपूर्वक कर रहे हैं। सोमवार की शाम अस्तागत सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अब व्रती मंगलवार की सुबह उगते सूर्य की आराधना करेंगे और उनको अर्घ्य देने के बाद इस महापर्व का समापन हो जायेगा।

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