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महिला अधिवक्ता के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, हत्या का आरोपी प्रेमी गिरफ्तार,एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रेस कांफ्रेस में किया खुलासा

रायगढ़ 16 मई। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर थाना पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम पूंजीपथरा के कटेल टिकरा जंगल में मिले महिला के शव के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। आज पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतिका की पहचान अधिवक्ता आराधना सिदार उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम केकराझरिया, लैलूंगा के रूप में हुई है, जिसकी हत्या उसके प्रेमी लोकनाथ पटेल निवासी ग्राम चारपारा, थाना एवं जिला सक्ती द्वारा की गई थी।

ज्ञात हो कि दिनांक 12 मई को थाना पूंजीपथरा पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम पूंजीपथरा के कटेल टिकरा जंगल अंदर शासकीय जमीन पर एक अज्ञात महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, थाना प्रभारी रामकिंकर यादव, एफएसएल, डॉग स्क्वॉड टीम एवं थाना स्टाफ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर महिला का शव नग्न अवस्था में मिला था। ग्राम कोटवार अयोध्या प्रसाद माझी ने जंगल में लकड़ी लेने के दौरान शव देख पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को सुरक्षित रखवाया और महिला की पहचान के प्रयास शुरू किए। घटना के संबंध में थाना पूंजीपथरा में अज्ञात आरोपी पर अपराध क्रमांक 108/2026 धारा 103(1),238 BNS के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया ।
जांच के दौरान थाना चक्रधरनगर में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट से महत्वपूर्ण सुराग मिला। मृतिका के परिजनों को घटनास्थल से बरामद कपड़े, सैंडल और फोटोग्राफ्स दिखाए गए, जिस पर मृतिका की पहचान आराधना सिदार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने मृतिका के कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। सीसीटीवी फुटेज में एक युवक मोटरसाइकिल पर मृतिका को ले जाते दिखाई दिया। बाइक नंबर के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और सक्ती निवासी लोकनाथ पटेल को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका मृतिका के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। आरोपी पहले से विवाहित था और मृतिका द्वारा शादी को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इसी कारण आरोपी ने पूरी योजना बनाकर पूछताछ में आरोपी लोकनाथ पटेल ने बताया कि 9 मई की रात उसने आराधना से बात कर अगले दिन मिलने का प्लान बनाया था। 10 मई को वह मोटरसाइकिल से उसे अपने साथ लेकर पहले सक्ती और दमाऊधारा मंदिर गया, शाम को दोनों सक्ती स्थित एक लॉज में रुके जहां आरोपी ने फर्जी नाम से कमरा लिया। आरोपी ने बताया कि शादी को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और उसी दौरान उसने हत्या की योजना बनाई। अगले दिन सुबह वह आराधना को बाइक से सुनसान जंगल क्षेत्र लेकर गया, जहां मौका पाकर पहले गला दबाकर उसे बेहोश किया, फिर पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने घटनास्थल पर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की, खून साफ किया और घर लौट गया। शक से बचने के लिए उसने मृतिका के मोबाइल का इस्तेमाल कर उसकी बहन और सहेलियों से महिला की आवाज निकालकर बातचीत भी की, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे। आरोपी के कब्जे से मृतिका का उपयोग किया जा रहा मोबाइल फोन, घटना समय पहने कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन पर प्रकरण का खुलासा करने में निरीक्षक रामकिंकर यादव, एएसआई उमाशंकर विश्वाल एवं हमराह स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही है
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*
“रायगढ़ पुलिस हर गंभीर अपराध की तह तक जाकर वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के माध्यम से आरोपियों तक पहुंच रही है। कानून से बचने की कोशिश करने वाले अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है।”

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