
रायगढ़ :- महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम, एक नए युग की दस्तक है। महिला आरक्षण से राजनीति में भी महिलाओं का वर्चस्व स्थापित होगा। ईमानदारी से घर परिवार चलाने वाली महिलाएं राजनीति में स्थान सुनिश्चित होने से अब ईमानदारी से देश चलाएगी।मौजूदा स्थिति में महिलाओं की भागीदारी 16% है जो इस अधिनियम के लागू होने के बाद 33% जो जाएगी। जिससे लोकसभा राज्यसभा और विधान सभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। गोमती साय ने कहा जैसे शक्ति के बिना शिव अधूरे थे और सृष्टि के संचालन में कठिनाई थी इसे मातृ शक्ति स्वरूपा सती पार्वती के सहयोग से दूर किया गया। इस विधेयक के लिए सभी महिलाओं की ओर से गोमती साय ने प्रधान मंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।जशपुर विधायक राय मुनि भगत ने कहा तीन दशकों से यह विधेयक लंबित रहा लेकिन इच्छा शक्ति के अभाव की वजह से यह पास नहीं हो पाया ।मोदी जी की दृढ़ इच्छा शक्ति की वजह से तीन दशकों से लंबित बिल संसद के नए भवन से पास हो पाया। महिलाओं के विभिन्न रूपों पत्नी बेटी मां की व्याख्या करते हुए राय मुनि भगत न कहा दुर्गा काली सरस्वती के रूप में मातृ शक्ति को पूजा जाता है। मोदी जी के विकसित भारत की कल्पना को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरा करेगा। पत्थलगांव भाजपा विधायक गोमती साय ने कहा भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का यह प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। इसका शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं को “नीति की लाभार्थी” से “नीति की निर्माता” बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा और यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगा।उन्होंने कहा इस अधिनियम के लागू होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण का अनुभव पहले ही यह दर्शा चुका है कि महिला प्रतिनिधित्व से नीतियां अधिक जन-केंद्रित और प्रभावी बनती हैं। अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं के स्तर पर दिखाई देगा, जिससे विकास की दिशा अधिक संतुलित और समावेशी होगी। इस परिवर्तन की पृष्ठभूमि पिछले एक दशक में तैयार की गई है। वरिष्ठ भाजपा नेत्री शीला तिवारी के मंचस्थ अतिथियों का व्यक्तिगत परिचय दिया वही महिला मोर्चा अध्यक्ष मधुलता पटेल ने मंच संचालन किया और पूनम पटेल सोलंकी ने आभार व्यक्त किया।
प्रेसवार्ता में नजर आई महिला आरक्षण की झलक
प्रवक्ता बब्बल पांडे ने जानकारी देते हुए कहा इस प्रेस वार्ता में महिला आरक्षण की झलक नजर आई। प्रेस वार्ता के दौरान स्टेज़ में केवल महिलाएं ही बैठी।गोमती साय विधायक पत्थलगांव,रायमुनी भगत विधायक जशपुर, शिखा गवेल जिला पंचायत अध्यक्ष,मधुलता पटेल जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा,
रेखा महामिया महामंत्री महिला मोर्चा रायगढ,शीला तिवारी, सुषमा खलखो, पूनम पटेल सोलंकी, त्रिवेणी डहरे, सावित्री मिश्रा, लक्ष्मी पटेल, दीपमाला गुप्ता, लक्ष्मी विश्वास की।मौजूदगी रही।
सुर साम्राज्ञी आशा भोशले के निधन पर मंच ने मौन धारण कर दी श्रद्धांजलि
आशा भोसले के निधन पर मंचस्थ अतिथियों ने दो मिनट का मौन धारण करते हुए शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजली अर्पित की। गोमती साय ने कहा देशवासियों में अब गीत की आशा अब कौन जगाएगा। आशा जी ने अपनी सुरीली आवाज से देश की बड़ी आबादी को प्रभावित किया। इस मंच से सुर साम्राज्ञी को भावपूर्ण अश्रुपूरित श्रद्धांजली दी गई।



