रायगढ़। नगर निगम की ऑनलाइन जलकर वसूली व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि गरीब, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों से निर्धारित 60 रुपये की जगह 200 रुपये प्रतिमाह जलकर वसूला जा रहा है। कांग्रेस ने इसे ऑनलाइन टैक्स व्यवस्था की गंभीर अनियमितता बताते हुए मामले की जांच, अतिरिक्त वसूली वापस करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। रायगढ़ में कांग्रेस ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नगर निगम की ऑनलाइन टैक्स व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम की ऑनलाइन कर प्रणाली में कई अनियमितताएं हैं, जिसके कारण गरीब, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों से निर्धारित राशि से अधिक जलकर वसूला जा रहा है। नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद और पूर्व नेता प्रतिपक्ष जयंत ठेठवार ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 48 वार्ड और 11,005 मकान दर्ज हैं। उनका दावा है कि शासन के नियमों के अनुसार आवासीय मकानों में रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से 60 रुपये प्रतिमाह जलकर लिया जाना चाहिए, लेकिन ऑनलाइन टैक्स व्यवस्था में कई परिवारों से 200 रुपये प्रतिमाह तक वसूले जा रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 24 वार्डों के 860 परिवारों से अधिक जलकर वसूला जा रहा है। इनमें निजी मकानों के 83 परिवार और ईडब्ल्यूएस मकानों के 777 परिवार शामिल बताए गए हैं। पार्टी ने विभिन्न वार्डों के उदाहरण देते हुए कहा कि गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। प्रेस वार्ता में यह भी दावा किया गया कि ऑनलाइन टैक्स प्रणाली में करीब 3,005 ऐसे परिवार दर्ज हैं, जिनके रिकॉर्ड में भी विसंगतियां हैं। कांग्रेस के अनुसार यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में और अधिक परिवार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन टैक्स व्यवस्था के आंकड़ों में कुल 11,005 मकानों के मुकाबले 3,865 मकानों की अतिरिक्त प्रविष्टियां दिखाई दे रही हैं, जो लगभग 42 प्रतिशत की अनियमितता को दर्शाती हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा प्रभावित उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस करने की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस ने नगर निगम पहुंचकर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है ।कांग्रेस ने चेतावनी भी दी है कि जलकर के मामले में दस दिनों के अंदर नगर निगम ने अनियमितता को दूर नहीं किया तो फिर इसे लेकर कांग्रेस आंदोलन की राह पकड़ेगी।



