रायगढ़ में जन्माष्टमी मेला के लिए कई संगठनों ने लगाए भंडारे ,बाहर से आनेवाले श्रद्धालुओं को मिल रहा इसका लाभ

रायगढ़ 3 सितंबर । रायगढ़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व की धूम शुरू हो गई है और बाहर से दर्शनार्थियों की भीड़ भी उमड़ने लगी है। ऐसे में हर साल की तरह इस साल भी बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए शहर के समाजसेवा संस्थाओं और कई संगठनों द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया है। रामनिवास टॉकीज चौक में युवक संघ द्वारा अपनी परंपरा को कायम रखते हुए भंडारा शुरू कर दिया गया है और पूरे समर्पण सेवा के साथ बाहर से आये दर्शनार्थियों की सेवा की जा रही है। तो वहीं गौरीशंकर मंदिर चौक में रायगढ़ कापी निर्माता संघ द्वारा भी निःशुल्क भोजन शिविर लगाया गया है।


रायगढ़ की पहचान दानवीरों की नगरी के रूप में भी है। यहां बाहर से आने वाले अतिथियों का पूरे समर्पण भाव से सत्कार किया जाता है और आज भी यह परंपरा कायम है। खासकर श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के दौरान तो पूरे शहर में यह नजारा देखने को मिलता है। रायगढ़ के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिर मेला उत्सव में शहर के दानवीर दिल खोल कर बाहर से आये अतिथियों का सत्कार करते हैं और निःशुल्क भोजन का भंडारा लगाकर उनकी सेवा करते हैं। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए रामनिवास टॉकीज चौक में युवक संघ द्वारा पिछले पांच सालों से जन्माष्टमी पर भंडारा लगाया जाता है। इस साल भी उनके द्वारा दो दिवसीय भंडारे का आयोजन किया गया है जिसका शुभारंभ गुरुवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी की माताश्री के करकमलों द्वारा पूजा अर्चना के साथ किया गया। जिसमें पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया भी शामिल हुए। जहां सुबह 11 बजे से बाहर से आये दर्शनार्थियों को गर्म भोजन परोस कर उनकी सेवा की जा रही है।
रायगढ़ कापी निर्माता संघ द्वारा भी पिछले 30 सालों से जन्माष्टमी मेला उत्सव पर निःशुल्क भोजन शिविर लगाया जाता है। इस साल भी यह सेवा दी जा रही है। गुरूवार को पूर्व विधायक विजय अग्रवाल के हाथों इस दो दिवसीय शिविर का शुभारंभ किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य सेवा और सामाजिक सहयोग की भावना को आगे बढ़ाना है। दो दिनों तक चलने वाले इस निःशुल्क भोजन शिविर में आने वाले सभी लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
इस दो दिवसीय भंडारे में गरमा गरम चावल के साथ दाल, सब्जी और खिचड़ी का वितरण किया जा रहा है। यह सेवा देर शाम तक दी जायेगी। भंडारे में काफी संख्या में आकर दर्शनार्थी लाभ ले रहे हैं और दानवीर की इस नगरी में जारी सेवा भावना की इस परंपरा की मुक्त कंठ से प्रशंसा भी कर रहे हैं।