रायपुर:-वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। जहाँ 16,040 फीट की ऊँचाई पर साँस लेना भी चुनौती बन जाता है, जहाँ ऑक्सीजन की कमी से सिरदर्द, चक्कर और थकान होने लगती है, वहाँ छत्तीसगढ़ के होनहार मल्लखंब खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से देश की शक्ति, साहस और प्राचीन भारतीय खेल परंपरा का दमखम दिखाया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने सोशल मीडिया मंच पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। लेह-लाहौल के बारालाचा दर्रे में आयोजित इस साहसिक प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के मल्लखंब खिलाड़ियों ने माइनस तापमान और कम ऑक्सीजन के बीच पोल मल्लखंब पर ऐसे करतब दिखाए कि देखने वाले दंग रह गए। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि यह केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह अटूट इच्छाशक्ति, अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रतीक है। हमारे खिलाड़ियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मन में संकल्प हो तो कोई भी ऊँचाई बड़ी नहीं है। यह प्रदर्शन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि बारालाचा पास दुनिया के सबसे कठिन दर्रों में से एक है जहाँ ऑक्सीजन लेवल 50 प्रतिशत से भी कम रह जाता है। मल्लखंब भारत का प्राचीन पारंपरिक खेल है और इतनी ऊँचाई पर इसका प्रदर्शन कर खिलाड़ियों ने भारतीय खेल परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है। इससे यह भी साबित हुआ है कि छत्तीसगढ़ के युवा अब सिर्फ हॉकी और तीरंदाजी ही नहीं, बल्कि साहसिक और पारंपरिक खेलों में भी देश का नेतृत्व कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पारंपरिक खेलों और खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग दे रही है। मल्लखंब को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में विशेष अकादमी और सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं ताकि हमारे खिलाड़ी ऐसे ही देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करते रहें।



