रायगढ़, 16 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रशासनिक कसावट, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों के करीब पहुंचाने की दिशा में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने महत्वपूर्ण पहल की है। 4 नवंबर से प्रत्येक बुधवार को घरघोड़ा में कलेक्टर का कैंप कोर्ट, जनदर्शन और विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इससे दूरस्थ अंचलों के नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय आने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही, क्षेत्र में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की नियमित निगरानी को भी मजबूती मिलेगी।
घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र के कई गांव जिला मुख्यालय से लगभग 75 से 100 किलोमीटर दूर स्थित हैं। राजस्व मामलों की सुनवाई, अपील और शिकायतों के निराकरण के लिए नागरिकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने क्षेत्र में ही प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत कलेक्टर स्वयं क्षेत्र में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और संबंधित मामलों के निराकरण की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
*कैंप कोर्ट में होगी अपील प्रकरणों की सुनवाई*
घरघोड़ा में आयोजित कैंप कोर्ट में घरघोड़ा, धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र से संबंधित प्रथम एवं द्वितीय अपील के प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। इससे संबंधित पक्षकारों को बार-बार जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता कम होगी और न्यायालयीन मामलों की सुनवाई स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।
*जनदर्शन के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा*
कैंप के दौरान आयोजित जनदर्शन में नागरिक सीधे कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं और शिकायतें रख सकेंगे। इसके साथ ही संबंधित अनुभागों के अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। इससे विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
*अधिकारी-कर्मचारी भी रहेंगे मौजूद*
कैंप व्यवस्था के दौरान कलेक्टर के साथ रीडर, स्टेनो और संबंधित शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी घरघोड़ा में उपस्थित रहेंगे। इससे न्यायालयीन मामलों, जनशिकायतों और विभागीय कार्यों पर एक साथ ध्यान दिया जा सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि यह पहल प्रशासनिक कसावट के साथ संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य नागरिकों का समय और खर्च बचाना, प्रशासन तक उनकी पहुंच आसान बनाना तथा शासकीय कार्यों और जनसमस्याओं के निराकरण को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाना है।